9 दिसंबर 2010

ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए


सभ्यता की मांग है शिक्षा संस्कार की।
विवेक से पाई यह विद्या पुरस्कार सी।
किन्तु अश्लील दृश्य देखे मेरे देश की पीढी।
गर्त भी इनको लगती विकास की सीढी।
कपडों से कहीं यह पीढी कंगली ना हो जाय।
नाच इनका भी कहीं जंगली ना हो जाय।
इसलिये मैं लिखता नूतनशक्ति के लिए।
ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
_____________________________

34 टिप्‍पणियां:

  1. इसलिये मैं लिखता नूतन शक्ति के लिए।
    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
    ...bahut badhiya.

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  2. पश्चिमीसभ्यता को फैलाने वाले काश इसे पढ़ते और समझते .
    रियलिटी शोज़ तो भारत की सभ्यता तो तार तार करने पर तुले हैं.
    सार्थक और सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए आपको साधुवाद

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  3. अरविन्द जी,
    अजित गुप्ता जी,
    तार्केश्वर जी,
    नन्हा माधव,
    और वन्दना जी,

    सराहना प्रोत्साहन के लिये आभार।

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  4. कुँवर कुसुमेश जी,

    प्रश्न हमारी जीवन अनुकूल संस्कृति के संरक्षण का है।

    इस प्रोत्साहक टिप्पणी के लिये आभार आपका।

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  5. इसलिये मैं लिखता नूतन शक्ति के लिए।
    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
    स्य्ग्य जी आपने मेरे मन की बात कह दी। बहुत अच्छा लिख रहे हैं लिखते रहिये और सार्थक सन्देश देते रहिये।

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  6. यकीनन अभिव्यक्ति का सुन्दर साधन है ब्लाग लेखन

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  7. सुज्ञ जी! बहुत ही सुंदर... यदि हर व्यक्ति इस अभिव्यक्ति को समझ ले तो देश सचमुच उतना ही सुंदर हो जाए जितनी आपकी कविता!!

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  8. निर्मला कपिला जी,
    एम वर्मा जी,
    सलिल जी,

    सार्थक संदेशपरक लिखने को प्रोत्साहन के लिये अनंत आभार!!

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  9. इस अभिव्यक्ति में एक शालीन संदेश है, जो हम सबको ग्रहण करना चाहिए।

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  10. इसलिये मैं लिखता नूतनशक्ति के लिए।
    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥

    बहुत ख़ूब... लिखते रहिए...

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  11. सभ्यता की मांग है शिक्षा संस्कार की।
    विवेक से पाई यह विद्या पुरस्कार सी।

    सुज्ञ जी,

    एक दम सही बात कही है

    हम सब आपके साथ हैं ....... लिखते रहें

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  12. आज हम बताएँगे की किस तरह अध्यात्म के साथ रहते हुए भी वैज्ञानिक बने रह सकते हैं , आज का विषय है ...... पुनर्जन्म .........


    http://my2010ideas.blogspot.com/2010/12/scientific-evidence-reincarnation.html

    आप इस टिपण्णी को हटा सकते हैं ये सिर्फ नए लेख की सूचना देने के लिए है

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  13. इसलिये मैं लिखता नूतन शक्ति के लिए।
    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
    बहुत खूब ..यही होना चाहिए.लिखते रहिये.

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  14. बहुत सुंदर बात कही आप ने, काश इसे वो भी पढे जो अपने आप को आधुनिक कहते हे, लेकिन....
    धन्यवाद

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  15. नन्हीं सी पर बेहतरीन अभिव्यक्ति

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  16. ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
    अति सुंदर

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  17. और आप अपनी अभिव्यक्ति में सफल हैं भाई जी ! हार्दिक शुभकामनायें

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  18. इसलिये मैं लिखता नूतनशक्ति के लिए।
    ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
    इसीलिए हम आपको पढ़ते हैं..... लिखते रहें

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  19. वाह जी बहुत सही यही होना भी चाहिये

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  20. बिलकुल ... हम भी इसी लिए लिखते हैं ...

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  21. अरे ब्लॉग लिखने पर भी कविता.... बहुत अच्छी है...

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  22. हमारी भी अभिव्यक्ति का ही माध्यम है ब्लॉग लिखना ...!

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  23. सही है ,ब्लाग तो हमारे वैचारिक अभिव्यक्ति का मंच है

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  24. आपकी अभिव्‍यक्ति व इसे प्रस्‍तुत करने का यह माध्‍यम भविष्‍य में कमाल ढ़ाने वाला है, हैप्‍पी ब्‍लॉगिंग
    एक लोकप्रिय-अतिलोकप्रिय-महालोकप्रिय या वरिष्‍ठ-कनिष्‍ट-गरिष्‍ठ ब्‍लॉगर

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  25. बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति ............. प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणादायी

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  26. अभिव्यक्ति की ये प्यास कायम रहे । शुभकामनाएँ...

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  27. ब्लॉग मैं लिखता हूँ अभिव्यक्ति के लिए॥
    mai bhi isi lie likhati hu bas aise hi ham sab likhate rahe

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  28. मैंने अपना पुराना ब्लॉग खो दिया है..
    कृपया मेरे नए ब्लॉग को फोलो करें... मेरा नया बसेरा.......

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  29. बेहतरीन रचना हंसराज जी.....उत्तम भावाभिव्यक्ति!

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