1 सितंबर 2010

तीन की करामत!!

तीन निकल वापस नहिं लौटते
  •  बंदूक से गोली
  •  मुहं से बोली
  •  तन से प्राण
तीन सदा स्मरण रहे
  •  कर्ज़
  •  फ़र्ज़
  •  मर्ज़
तीनों का सम्मान करें
  • माता
  • पिता
  • गुरू
तीन को कभी छोटा न समझो
  • कर्ज़
  • शत्रु
  • बीमारी
तीन को कोई चुरा नहिं सकता
  • ज्ञान
  • कौशल
  • अक्ल

तीनों को वश में रखें
  •  मन
  •  काम
  •  क्रोध
तीन प्रतिक्षा नहिं करते
  •  समय
  • ग्राहक
  • मौत
तीन जीवन उपचार
  •  कम खाना
  •  गम खाना
  •  नम जाना

11 टिप्‍पणियां:

  1. 'तीन तिगाड़ा , काम बिगाड़ा' वाला दर्शन तो खतरे में मालूम पड़ता है !

    उत्तर देंहटाएं
  2. श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई ।
    - ....

    कृपया एक बार पढ़कर टिपण्णी अवश्य दे
    (आकाश से उत्पन्न किया जा सकता है गेहू ?!!)
    http://oshotheone.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुज्ञ ji..Apko श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई

    Saath hi is vehad GYAANBHARDHAK post ke liye aapko badhaai.

    उत्तर देंहटाएं
  4. छोटा थे तब पढते थे ई सब..तब बहुत अच्छा लगता था..आज आप याद दिला दिए..

    उत्तर देंहटाएं
  5. ये तो बहुत ही कमाल की और सच्ची जानकारियाँ दी आपने,एक बार शंकर जी के प्रस्ताव पर संसद का निर्णय आ जाए फिर इतनी सुन्दर पोस्ट को ब्लॉग संसद पर भी अवश्य डालें ये मेरा आपसे निवेदन है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन उम्दा और जीवन की सच्चाइयों से भरे विचारों से अवगत हों

    आभार

    महक

    उत्तर देंहटाएं
  6. आपको एवं आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें !
    बहुत ही बढ़िया और ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई! धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  7. श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर हार्दिक बधाई -- अपने अभूत अच्छी जानकारी दी जो भारत की आत्मा पुकारती है
    बहुत-बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  8. ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त हुई!

    उत्तर देंहटाएं

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